ISSN 2229-547X VIDEHA
‘विदेह'१४८ म अंक १५ फरबरी २०१४ (वर्ष ७ मास ७४ अंक १४८)
ऐ अंकमे अछि:-
गजेन्द्र ठाकुरक
टटका नाटक
मचण्ड
पात्र
मुतालिफ:
पैघ-पैघ आंखि बला एकटा युवा
भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका)
हबीबुल्ला: तस्करक सरदार
एकटा खुफिया अधिकारी
खुफिया अधिकारीक अधिकारी
किछु सिपाही
आतंकी लीडर
अंक १
(मुतालिफक
पैघ-पैघ आँखि... जेल जाइत कोर्टक
हाजतमे, दौगि कऽ जा रहल अछि। ओतए सिपाहीकेँ खुफिया अधिकारी खेनाइक पैकेट दैत अछि। पुलिस खेनाइक
पैकेट मुतालिफकेँ देलकै।ओकरा लग एकटा भाषा
अनुवादक (बा अनुवादिका) अछि।)
मुतालिफ: (चौंकैत इशारामे पुछैत अछि, जकरा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) बाजि कहैत अछि)।
भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): ऐ नग्रमे क्यो ओकर नै.. भाषा सेहो नै ओ बुझैए ककरो; आ नहिये ओकर भाषा कियो आन बुझै छै। तमिल अछि।
तखन ई भोजनक
पैकेट ओकरा के देलक अछि से पुछि रहल अछि।
सिपाही: (खुफिया अधिकारी दिस इशारा करैत) ओ देलखिन्ह। रतुका भोजन
छिऐ। रातिमे जेल बला खाइले नै देतै, तैं। दिल्लीक तिहार जेलमे राखल जेतै ओकरा, ओतए तमिलनाडु पुलिसक एकटा टुकड़ी छै, चार्ल्स शोभराजक जेलसँ भगलापर ऐ टुकड़ीकेँ बजाओल गेल छलै, ऐ दुआरे जे ओ सभ स्थानीय भाषा नै बुझै छलै से कोनो अपराधीसँ मेल-पेँच नै कऽ सकतै। मुदा फेर ई हाल भेलै जे दू मासमे ओ सभ सभ गोटे स्थानीय भाषा सीख जाइ गेलै। मुदा ई ओकरा सभसँ गप
कए सकत।
भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): (दर्शक दिस तकैत) तिहारमे मुतालिफ किछु बाजि सकत, ओकरा सभक संग। अपना लेल वकील रखबाक लेल ब्योंत धरा सकत।
मुतालिफ: (ऐ बेर बेसी जोरसँ चौंकल, पलटि केँ खुफिया अधिकारी दिस तकलक, इशारामे बजैत अछि, जकरा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) बाजि कहैत अछि)।
भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारी दिस तकैत): पूछि रहल अछि जे अहाँ देने छिऐ?
खुफिया अधिकारी (हाथसँ इशारामे- राखि लिअ।)
मुतालिफ: (दुनू हाथ जोड़ि कऽ खुफिया अधिकारीकेँ प्रणाम केलक। आ भाव विह्वल भऽ कानऽ लागल, हिचुकि-हिचुकि, जोर-जोरसँ)।
(पर्दाक पाछाँसँ ओकीलक
स्वर सुनाइ दऽ रहल अछि। जे जोरसँ बाजि रहल अछि।)
ओकील: मिलॉर्ड! असली अपराधी अछि ई मुतालिफ! फूसि अछि एकर
खिस्सा। समुद्रक बीचपर दिनमे क्रिकेट खेलेनाइ एकर अकर्मण्यता अछि। ई, मुतालिफ, कहैए, बेरोजगार छल तैं दिनमे क्रिकेट खेलाइ छल।
आ फेर एकर खिस्सा आगाँ बढ़ैए। एकरा हबीबुल्ला भेटै छै, एकरा पूछै छै… बेरोजगार छी? आ एकरा ओ काज दै छै, एकटा बैगमे प्रेशर कुकर आ ओइमे मर-मसल्ला!! कुकरक परदाक बीचमे नशाक पाउडर भरि उघै छल ई!!! हवाइ जहाजसँ
एनाइ-गेनाइ, आ तै परसँ एक बेर गेल-आएल पर दस हजार टाका बैसले-बैसल भेटै छलै। आ तखन ई कहैए जे एकरा
किछु बुझले नै छै, बुझले नै छै जे प्रेशर कुकरमे की लऽ जाइ छल। आ मुख्य अपराधी तखन तँ भेलै हबीबुल्लाह..)
(मंचपर सभ सकदम भऽ जाइए, मुतालिफ बौक सन ठाढ़ अछि। खुफिया अधिकारीकेँ छोड़ि सभ प्रस्थान करैत अछि।)
खुफिया अधिकारी: ओकील साहैब, मुतालिफ कोनो वकील नै केने अछि। मुख्य अपराधी ई नै अछि, कोनो तमिल वकीलकेँ पकड़ू आ ओकरा कहियौ जे अगिला जमानतक सुनबाइमे एकर जमानत करबेतै।
(ओकील प्रवेश करैत अछि।)
ओकील: हम तमिले छी, ऐ तरहक बहुत मुकदमा लड़ने छी। खास कऽ ओइ तमिल सभक, जे दिल्लीमे फँसि जाइ छथि, जिनका भाषाक संकट होइ छन्हि। हम तँ सरकारी
ओकील छी, हम तँ एकर पक्षमे नै बाजि सकै छी, मुदा हमर असिसटेण्ट ओकील हमर ऑफिसे ऑफिस घुमैत रहैत अछि। ओ एकर मदति
जरूर कऽ देतै।
(ओकीलकक प्रस्थान।
खुफिया अधिकारीक अधिकारीक प्रवेश।)
खुफिया अधिकारीक
अधिकारी: कतऽ फँसि गेल छी?
खुफिया अधिकारी: ई मुतालिफ अपराधी अछिये नै, कोनो मादक पदार्थक माफिया फँसा लेने छलै एकरा।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हबीबुल्ला। सूचनाक आधारपर ओकरा घरमे चेन्नैमे छापा पड़लै, किछु नै भेटलै।
खुफिया अधिकारी: बरामदी तँ मुतालिफसँ भेलै। मुदा ई तँ शतरंजक गोटी अछि, पाँव-पैदल सिपाही। पाँव-पैदल।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हमरा गामक लुल्हा पाँव-पैदल सभ साल बाबाधाम जाइए। हमरे गामक पीअर बच्चा हवागाड़ीसँ सभ साल बाबाधाम जाइ छथि।
दुनू गोटे बीसो सालसँ लगातार बाबाधाम जा रहल छथि। लुल्हा बीससालसँ महीसे चरा रहल अछि आ पीअर बच्चाक घरारीपर ऐ बीस सालमे कोठा-कोठामे भेले जा रहल छन्हि।
खुफिया अधिकारी: मुदा असल फल कोना भेटै छै।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मुदा असल फल तँ पाँव-पैदल गेलेसँ होइ छै। तैँ ने लुल्हा बीस सालसँ महीसे चरा रहल अछि। परुकेँ साल तँ हम गेल रही बाबा धाम। प्रफुल्ल भाइ गामक बोलबम पार्टीक जमादार छथि। सभ साल पाँव-पैदल जाइ छथि। हुनकर बाबू सेहो जमादार छलखिन्ह। भोला भाइ डाकबम छथि, तीन दिनमे सुल्तानपुरसँ पानि भरि भोलाबाबाकेँ चढ़ा दै छथि। प्रफुल्ल भाइ सभकेँ संग लऽ चलै छथि, जे निअम भंग करैए तकरा दण्ड लगबै छथि। पीअर बच्चा तँ तते नै मोटाएल छै जे ओकरासँ पाँव-पैदल जाएल हेतै? मुदा तखन प्रफुल्ल भाइ की कोनो कम मोटाएल छथि। मुदा बाबू, लोक की अपने चलैए, ओकरा तँ बाबा चलबै छथिन्ह।
खुफिया अधिकारी: अहूँ गपकेँ बड्ड नमारै छी। अहीं कहै छी जे पीअर बच्चाक घरारीपर ऐ बीस सालमे कोठा-कोठामे भेले जा रहल छन्हि आ लुल्हा बीस सालमे महीसे चरा रहल अछि तइपर अहाँक कहनाम छल जे असल फल पाँव-पैदल गेलेसँ होइ छै। पीअर बच्चा जँ कहियो पाँव-पैदल बाबाधाम गेले नै छथि, तखन किए ओ कोठा-कोठामे केने जा रहल छथि आ लुल्हा तँ सभ साल पाँव-पैदल जा रहल अछि तखन किए ओ महीसे चरा रहल अछि।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: यौ, आँखिक देखल कहै छी। कोठा कियो बान्हि ने लिऐ, बाबू भोला बाबा मानै छथिन्ह लुल्हेकेँ।
खुफिया अधिकारी: से केना?
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: लुल्हा रस्तामे पाछाँ छुटि गेल। प्रफुल्ल भाइ चिन्तित छलथि जे अजश हएत। सौँसे धर्मशाला ताकि लेलन्हि। लुल्हा कोना पहिनहिये धर्मशाला आबि जाएत? ओ तँ पछुआ जाइ छल। कोना गाम घुरलापर लोककेँ मुँह देखेता। मुदा भोरमे देखै छथि जे लुल्हा धर्मशालाक कोठलीमे फोँफ काटि रहल अछि। आ जगलापर लुल्हा खिस्सा सुनबै छन्हि, चारू कात बोन रहै, हम हबोढेकार भऽ कानि रहल छलौं। तखने एकटा दाढ़ीबला बुढ़ा आएल आ चुप करेलक। पूछा-पूछी केलक आ माथपर हाथ रखलक। आ लगैए निन्न आबि गेल। निन्न खुजैए तँ देखै छी जे गौंआ सभक संग धर्मशालामे पड़ल छी।
खुफिया अधिकारी: अही पाँव-पैदलक लोक सभक ताकिमे बोने-बोन फिरबाक ड्यूटी हमरा भेटल अछि। मीठ-मीठ बाजू आ पाँव-पैदल चलैबला लोक सभकेँ, मुतालिफकेँ, लुल्हाकेँ अपन मीठ गपसँ बझाबी। ओकरा बुझाबी जे सरकार देश नै छिऐ। ओ छी ई देश। पाँव-पैदल बा शतरंजक सिपाही। राजा-रानी नै छी देश। हबीबुल्ला नै छी देश। देश छी मुतालिफ। देश छी लुल्हा।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: कतऽ सँ आएल छी? दिल्लीसँ तँ नै।
खुफिया अधिकारी: नै, हम भारतक सिमानसँ आएल छी।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: चीन, तिब्बत, पाकिस्तान, बांग्लादेश बा म्यांमारक सिमानसँ।
खुफिया अधिकारी: नै, नेपालक सिमानसँ। सीताक देशसँ।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मिथिकल खिस्साबला, फूसिबला देशसँ।
खुफिया अधिकारी: नै, ई मिथिकल नै ऐतिहासिक भऽ सकैए। किछु खिस्सामे तोड़-मरोड़ कएल गेल हएत, मुदा इतिहास प्राचीन अछि। तेँ जिनकर इतिहास ओतेक प्राचीन नै तिनका नै अरघैत हेतन्हि।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: बहस, बहस। हथियारक ट्रेनिंङ ओकरा सभकेँ भेटल छै तँ अहाँकेँ सेहो भेटल अछि, रिवॉल्वर, पिस्टलसँ स्टेनगन धरिक ट्रेनिङ। बहसस ट्रेनिंग सेहो अहाँकेँ भेटल अछि आ से खाली हमरासँ नै ओकरो सभसँ करू।
एकटा आतंकी लीडर पकड़ाएल छै, बिनु ड्रगक पाइ भेने आतंकी काज नै चलि
सकत।
खुफिया अधिकारी: मुदा हबीबुल्ला तँ छुटि जाइए, मुतालिफ पकड़ेने ड्रगक पाइक ओर नै भेटत।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हबीबुल्लाक घरपर किछु
नै भेटल।
खुफिया अधिकारी: अपनो बीच ओकर लोक हेतै जेना ओकरा बीचमे अपन लोक अछि।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: पता करू। कैदी आतंकी
लीडरसँ पुछि कऽ देखू। समए ससरल जाइए, ससरल जाइए……..।
अंक २
(टेबुल कुर्सीक
एक कात खुफिया अधिकारी आ दोसर कात आतंकी लीडर अछि, दुनूक बीच बहस चलि रहल छै।)
खुफिया अधिकारी: केना हमरा सभक काजक सूचना अहाँकेँ भेटैए, हबीबुल्लाक सहयोगी के सभ अछि? ड्रगक पाइ कोना आ ककरा
लग जाइ छै। मुतालिफक सरदार हबीबुल्ला छी तँ हबीबुल्लाक सरदार के छी?
आतंकी लीडर: अहींक कार्यालयसँ सूचना भेटैए। कोनो सूचनाक अधिकारक अन्तर्गत नै, अहाँक सभ काजक सूचना हमरा सभ लग आबि जाइए। हमरो बीच अहाँक लोक छथि तँ अहूँक बीचमे हमर लोक छथि।
खुफिया अधिकारी: ई तँ बुझले गप अछि। मुदा ओ अछि के?
आतंकी लीडर: अहाँ तैयो हथियार लऽ कऽ नै चलै छी। मिजोरमक लालडेंगा तँ हथियार लऽ कऽ चलै छला आ असामक परेश बरुआ मुदा कखनो हथियार लऽ कऽ नै चलै छथि। अहाँक देश दुनूसँ समझौता केलक। हथियारबला सँ बिन हथियारबला केना कम खतरनाक भेल? अहूँ हमरा सभ लेल बेशी खतरनाक छी।
खुफिया अधिकारी: देखू, एकटा मिजोरमक छात्र मुजफ्फरपुरमे इन्जीनियरिंगमे पढ़ैत छल। ओ हमरा कहने छल जे लालडेंगा महान नेता छथि। ओइ काल लालडेंगा भूमिगत रहथि। देश हुनका आतंकी मानै छल। मुदा ओ एला, देशक सरकारसँ समझौता केलन्हि। सभ हथियार जमा कऽ देलन्हि। दुनू पक्ष समझौताक इमानदारीसँ पालन केलक आ आइ मिजोरम उत्तरपूर्वी भागक एकमात्र एहेन समझौता अछि जे पूर्ण रूपसँ सफल अछि। मृत्युक पहिने लालडेंगा अपन राज्यकेँ शान्तिक पथपर छोड़ि गेला। ओ इन्जीनियरिङक छात्र ठीके कहै छल, लालडेंगा महान नेता छथि। महान नेता अपन जनताकेँ बीच मझधारमे नै छोड़ै छै। डुबैत जहाजक कप्तान जेकाँ ओ अन्तिम समए धरि जहाजपर रहैत अछि। जखन जहाजसँ सभ बहरा जाइए तखन ओ जहाजक मस्तूल संगे समुद्रमे डुबि जाइए, जहाज छोड़ि नै भागैए। जँ लालडेंगा समझौता केलन्हि तँ ओ ओइ जनताक भावनाक अनुरूप छल, जे हुनका महान बुझैए। जँ ओ मृत्युसँ पूर्व शान्ति समझौता नै करितथि तँ भऽ सकैए ओ इन्जीनियरिङक छात्र हुनकापर ओतेक गर्व नै कऽ सकितए। ओ जखन अखनो भेटैए, हमरासँ कहैए- देखलौं, हम कहै छलौं ने, लालडेंगा इज अ ग्रेट लीडर।
आतंकी लीडर: हमरा ग्रेट लीडर बनबाक सेहन्ता नै अछि। हम सभ हथियार समर्पण कऽ दी आ तखन जँ सरकार हमरा संग धोखा करए?
खुफिया अधिकारी: जँ लालडेंगा ई सोचितथि तँ की शान्ति सम्भव छल? आ सरकार अछि की? जे टेलीविजनपर अहाँ सभ देखै छी, से अछि सरकार? नै, ओइमे सँ बहुतोकेँ बुझलो नै छै जे देश लेल के के, की की कऽ रहल अछि। सभ विभागमे देशभक्त सभ भरल छै, दसे प्रतिशत किए नै होउ, आ ओकरे भरोसे ई देश छै। जे टेलीविजनपर अछि, मंत्री-संत्री, ओइमेसँ ककरा की बुझल छै? अहाँ बदलि सकै छी, ई मंत्री-संत्री बदलि सकै छथि मुदा देश नै बदलत, सरकार नै बदलत। ओ समझौताक पालन करत।
आतंकी लीडर: अहाँ हमरे सभ जेकाँ सोचै छी, मुदा गलत पक्षमे छी।
खुफिया अधिकारी: हम नै अहाँ गलत पक्षमे छी। हथियार उठेने
छी। हथियार कीनैले ड्रग बेचै छी, बेचबाबै छी। कतेक बच्चाक भविष्य खतम कऽ
देलिऐ अहाँ सभ।
आतंकी लीडर: कोन भविष्यक गप कऽ रहल छी अहाँ? अहाँ फैक्ट्री खोलि देबै तँ ओ दरबान बनि जाएत। अहाँ रोड बना देबै तँ ओकरा ओइपर
बाढ़नि बहारबाक नोकरी लागि जेतै!
खुफिया अधिकारी: अहाँक लोक बेरोजगार युवाक ताकिमे रहैत
अछि, समुद्रक किनारपर, जंगलमे, रेगिस्तानमे, जेकरा काज नै छै, रोजगार नै छै ओकरा अहाँ
ठकि कऽ ड्रगक धंधामे लगा दै छिऐ। मुतालिफ २० सालक बाद जेलसँ बहराएत, से रोजगार देलिऐ ओकरा अहाँ सभ। मचण्ड छी अहाँ सभ।
आतंकी लीडर: ओकरा कतेक दिन अहाँक सरकार राखत
जेलमे?
खुफिया अधिकारी: माने.. माने.. (तमसा कऽ टेबुलपर हाथ पटकैत अछि।)
आतंकी लीडर: (हँसऽ लहैए) अहूँकेँ तामस उठैए? अहाँक सिस्टममे निर्बलक सुनवाइ नै छै। मुदा तैयो ओइ सिस्टम लेल अहाँ जान
अरोपने छी। की देलक अहाँक सिस्टम अहाँकेँ। अहाँक सिस्टममे जे हमरा सभले काज करैए
से शहरसँ हिलबो नै करैए, आ अहाँकेँ बोनक पोस्टिंग दऽ देने अछि।
अहाँ संगे अन्याय भेल अछि। आ जखन अहाँ अपना संग भेल अन्याय नै रोकि सकै छी तँ हमरा
सभकेँ कोना न्याय दिया सकब?
खुफिया अधिकारी: ई अहाँक मोनक भ्रम अछि, कोनो अन्याय नै भेल अछि हमरा संग। हमरा ऐ काज लेल चुनल गेल अछि।
आतंकी लीडर: अहाँक दुरुपयोग कऽ रहल अछि अहाँक
सिस्टम। आबि जाउ हमरा सभक संग, नोकरी ओतै करू मुदा ओतऽ रहियो कऽ हमरा
सभक संग रहू। सोचू, समय लिअ…
खुफिया अधिकारी: (तमसाइत) अहाँक दिमाग तँ
नै खराप भऽ गेल अछि?
हम एक माससँ सभ दिन अहाँकेँ बुझेबामे
लागल छी मुदा अहाँक अलगे खेरहा अछि। अहाँकेँ हँसी बुझा रहल अछि?
आतंकी लीडर: अहाँ हमरा एक माससँ बुझा रहल छी आ
हमहूँ एक माससँ अहाँकेँ बुझाबऽमे लागल छी। मुतालिफ छूटि गेल अछि आ तइ लेल अहाँकेँ
धन्यवाद।
खुफिया अधिकारी: हमरा किए धन्यवाद?
आतंकी लीडर: हमरा सभ गप बुझल अछि। आ ओइ काजक
पुरस्कार स्वरूप अहाँकेँ संगठनमे उच्च पद देल जाएत।
खुफिया अधिकारी: हमर विभागमे किछु लोक भयसँ अहाँले काज
करैत हेता, तइसँ अहाँक मोन बढ़ि गेल अछि।
आतंकी लीडर: ओ सभ भय बा पाइसँ कीनल जा सकैत छथि, मुदा तैयो ओ सभदेल काज करबे करता, से विश्वास हमरा नै
अछि। मुदा अहाँक हृदए हमरा सभक संग अछि, मुतालिफक लेल अहाँक
प्रेम तकर प्रमाण अछि आ तँइ अहाँकेँ अपन संगठनक कोर ग्रुपमे लेबाक निर्णय लेल गेल
अछि।
खुफिया अधिकारी: (तामसे सबिख होइत) निर्णय लेल गेल अछि? (आतंकी लीडरक ठोंठ पकड़ैत अछि।) नि….र्ण….य….. लेल गेल अछि? हम असथिरसँ गप कऽ रहल छी तँ….
आतंकी लीडर: अहूँ मचण्ड छी, सरकारी मचण्ड। (खोंखी करैत आ खुफिया अधिकारीक हाथसँ अपन कण्ठ छोड़बैत।) मुदा सिद्धान्तबला… (निसाँस छोड़ैत)… हमरे सभ जेकाँ…
(हाँफी लैत) .. जकरा मचण्ड बनऽ
पड़ैत अछि… आ तेँ ई निर्णय लेल गेल अछि… (कुर्सीसँ नीचाँ
खसि पड़ैत अछि।)
अंक ३
(खुफिया अधिकारीक माथपर एकटा भारी डण्टा बजरैए आ ओ बेहोश भऽ जाइए। किछु लोक जे ओकरा मारने छल से ओकरा उठा कऽ मंचक दोसर
दिशामे लऽ जाइए। ओकरा होश अबै छै। मुतालिफ पाछाँसँ अबैत अछि। संगमे भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका) छै।)
मुतालिफ: (इशारामे बजैए)
भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारीकेँ सम्बोधित करैत) कोर्ट मुतालिफकेँ बेल दऽ देलकै। मुतालिफ कहैत अछि जे बिना ड्रगक धंधाक आतंकवाद सम्भव नै छै, ऐ लेल जतेक पाइ चाही से ड्रगक धंधेसँ अबै छै। मुतालिफ कहै
छथि जे ओ जेलसँ एलाक बाद अहाँ जकाँ बनऽ चाहलक मुदा पुलिस थाना, पत्रकार ओकरा से नै करऽ देलकै। मुतालिफ कहै छथि जे सिस्टम ठीक करबाक आवश्यकता
अछि, नै तँ ….
खुफिया अधिकारी: (मुतालिफकेँ सम्बोधित करैत) तँ की अहाँ मुख्य खिलाड़ी छी? हमरा तँ लगै छल जे अहाँकेँ फँसाएल गेल अछि।
मुतालिफ: (इशारामे बजैए)
भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारीकेँ सम्बोधित करैत) की फर्क पड़ै छै। फँसाएल गेल खिलाड़ी बा मुख्य खिलाड़ीमे की फर्क छै। ओना देखबै तँ ऐ तरहक संगठनमे अस्सी प्रतिशत फँसाएल लोक छै, मुदा तेना फँसाएल छै जे मुख्य खिलाड़ीसँ बेशी खतरनाक वएह छै। आब अहाँकेँ वएह करबाक अछि जे मुतालिफ कहता।
(खुफिया अधिकारीक माथपर एकटा भारी डण्टा बजरैए आ ओ बेहोश भऽ जाइए। ओकरा छोड़ि कऽ सभक प्रस्थान। ओकरा फेरसँ होश आएल छै। मंचक दोसर कात
ओ जाइए। पुलिसक प्रवेश। स्थानीय थानामे पुलिसक
मोबाइलसँ खुफिया अधिकारी फोन करैए, अपन पहचान कोड बतबै लेल। फेर किछु कालक बाद ओकर हाकिमक फोन ओकरा लग अबै छै। ओ ओकरा लऽ कऽ
पर्दाक पाँछा चलि जाइए। पर्दा खसैए।)
अंक ४
(खुफिया अधिकारी आ ओकर
अधिकारी गप कऽ रहल छथि।)
खुफिया अधिकारी: हमर पहिल यात्रा निरर्थक सिद्ध भेल अछि।
खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मुतालिफ अहाँकेँ हरा देलक, अहाँक जान बकसि कऽ ओ अहाँकेँ हरा देलक। बिन हथियारबला सैनिकक हारि, ई बिध सभ सिखने जा रहल अछि।
खुफिया अधिकारी: किछु मोन पड़ि रहल अछि। दुभाषियाकेँ मुतालिफ कहि रहल छल आ ओ हमरा कहि रहल छल। लगैए जेना मुतालिफ कहि रहल छल जे ई यात्रा व्यर्थ नै गेल अछि, जे हम कथा लिखै छी, से बुझू ऐ यात्रामे एकटा कथाक प्लॉटे भेट गेल। मुतालिफ जेना कहि रहल छल जे ओइ कथाक नायक मुतालिफ रहत।
(पर्दा खसैए)
विदेह नूतन अंक भाषापाक रचना-लेखन
इंग्लिश-मैथिली-कोष / मैथिली-इंग्लिश-कोष
प्रोजेक्टकेँ
आगू
बढ़ाऊ, अपन सुझाव आ योगदान ई-मेल द्वारा ggajendra@videha.com पर पठाऊ।
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